
हर दर्द में एक नए सबक की चिट्ठी होती है, हर चुनौति हमारे धैर्य और हिम्मत की कुंजी होती है, धुंधलाई सी नज़रों में कहीं छिपी मुस्कान की परछाई होती है, आखिर, अंधकार में ही विश्वास की लौ रौशन होती है।
अक्सर, बिन कहे ही हम बहुत कुछ कह देते हैं, कई बार तो हम हार कर भी सब कुछ जीत लेते हैं, कभी तो कुछ भी न कर के हम सभी कुछ कर लेते हैं, और जब-जब छोड़ देते हैं बस तब-तब ही हम पा लेते हैं, कुछ इसी तरह उदासियों की छांव में भी हम खुशियों की किरनें ढ़ूढ ही लेते हैं।
Leave a comment