
तूफ़ानों से हो के ही किनारे लगेंगे,
रातों से निकल के ही सवेरे मिलेंगे,
कांटो को सह के ही फूल खिलेंगे,
पहाड़ों पे चढ़ के ही शिखर दिखेंगे,
इन अंधेरों और उजालों के योग-वियोग से ही तो क्षितिज के संयोग बनेंगे।
Holistic Life

तूफ़ानों से हो के ही किनारे लगेंगे,
रातों से निकल के ही सवेरे मिलेंगे,
कांटो को सह के ही फूल खिलेंगे,
पहाड़ों पे चढ़ के ही शिखर दिखेंगे,
इन अंधेरों और उजालों के योग-वियोग से ही तो क्षितिज के संयोग बनेंगे।
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