
समय का चक्र निरंतर चलता रहता है। परिवर्तन जीवन का एक स्थाई स्तंभ है। इसे न कोई रोक पाया है और न ही कभी रोक पायेगा। हर परिवर्तन को आत्मसात कर लेने से जीवन खुशियों से भर जाता है। इसका विरोध करने से और स्वयं में ही बांध लेने का प्रयत्न करने से यह विष बन हमे ही अंदर से खोखला कर जाता है। परिवर्तन की अभिव्यक्ति तो समय और प्रकृति के साथ होनी ही होनी है। हर परिवर्तन को सहजता से स्वीकार करने से हमारा जीवन सुखद व प्रगतिशील बनता है, वहीं इसका विरोध करने से, इसके मार्ग में बाधा बनने से दुखद व पीड़ादायक परिणाम भुगतने पड़ते हैं। हर दिन एक नया दिन है हर पल एक नया पल है। जो आज है वह कल नहीं, जो कल था वह आज नहीं और जो आने वाला कल है वह किसी ने देखा नहीं। हर परिवर्तन का स्वागत करिये, अपना जीवन चक्र पूर्ण करिए।
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