
अंधियारों का उजियारा, डूबतों का किनारा,
भटकों का रखवाला, बेबसों का सहारा,
डबडबाती नज़रों का सितारा,
हर एक जो है मायूसियों का मारा और
उदासियों से हारा, ग़म न कर, ईश्वर जानता है हर सुख-दुख हमारा,
वो ही है एक मात्र सच्चा सबका सहारा और
कर ही देगा वो एक दिन सब हिसाब-किताब बराबर सारा,
हो ही जाएगा सभी दुख-दर्दों का निपटारा,
और खुल जाएगा खुशियों का पिटारा।
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