आसरा

जीवन के उतार-चढ़ाव,

सुख-दुख की धूप-छांव,

आते-जाते जीवन के पड़ाव,

मिल के बिछड़ने के घाव,

जब और न सहने पाओ,

तब ईश्वर स्मरण के दीप जलाओ,

प्रभु शरण में आसरा पाओ,

खाली हाथ आए थे, यहाँ झोली भर-भर ले जाओ।

Leave a comment