मंज़िल

बात बिगाड़ती है बनने से पहले, रात अंधेरी होती है दिन निकलने से पहले,

सागर गहरा होता है किनारा मिलने से पहले, कांटे चुभते हैं फूल खिलने से पहले,

चढ़ाई दुर्गम होती है शिखर तक पहुंचने से पहले, ऐसे ही तो हम हारते हैं जीतने से पहले,

इसलिए, हमे हर आंसू पीना है, हर पीड़ा सहनी है काम्याबी हासिल होने से पहले,

और न ही कभी हिम्मत हारनी है लक्ष्य प्राप्त कर लेने ने से पहले।

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