प्रभु सुमिरन

कण-कण में राम, मन-मन में श्याम, ईश्वर ही यह सारे नाम,

यही बनाएं सब बिगड़े काम, सच्चे मन से लो इनका नाम,

सुबह हो या शाम, जो पूरे दिल से करे इन्हें प्रणाम,

वहीं बना लें यह अपना धाम, दूर नहीं पास नहीं,

अपने मन में ही कर लो इनका निर्माण,

लो राम नाम, लो श्याम नाम, कण-कण में राम,

मन-मन में श्याम, ईश्वर ही यह सारे नाम।

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