
……..हृदय का फूल खिलता है तो कड़ी धूप में भी नहीं मुर्झाता……..
………अंतर्दृष्टि के नयन खुलते हैं तो फिर रात दोबारा कभी नहीं आती…….
……..आत्मा का हीरा चमकता है तो अंधकार में भी हर कण-कण, क्षण-क्षण है जगमगाता…….
………अंतर्मन का दीप जलता है तो कोई आंधी इसे बुझा नहीं पाती…….
……..विश्वास, ज्ञान, स्वाध्याय व सतसंग का मार्ग हमें इस लक्ष्य तक है ले आता……..
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