-
वार्ता
जब हम अपनी सीमाओं के पार जाते हैं, तब ही हम ईश्वर के द्वार तक पहुंचते पाते हैं। स्वंय को स्वंय से मुक्त कर के ही हम दिव्य मुक्ती के मार्ग पर प्रथम पग रख पाते हैं। हम जब अपना सत्य, अपने आस-पास के अन्यों का सत्य, अपनी परिस्थितियों का सत्य पहचानने लग जाते हैं…
-
Meanderings……
Practice giving more……tangible, intangible…….experience getting more. Make someone’s day……. meet and greet…… smile and shine…….life’s short and time flies. Do not take anyone for granted…….no one’s there forever……share more care more…… while there’s still time. Just be…..sometimes be by yourself…….being solitary helps……calm the mind…… answers to questions……..solutions to problems…….manifests themselves. Spirituality…….don’t just materialise…….internalize……let the Divine…
-
बातों – बातों में
…….जो बोल बोल गए उनका बहुत मोल है, और जो लफ्ज़ लबों पे ठहर गए वह अनमोल है…… ……. जो आंसू आँखों से छलक गए वह बहुमूल्य हैं, और जो आंसू आँखों में तैरते रह गए वह अमूल्य हैं……. …….जो सदा लबों पे आ गई वह दवा है, और जो आह दिल में रह गई…
-
सम्वाद
आध्यात्म की अभिव्यक्ति हमारे विचारों, वाणी व व्यवहार से होती है, न की सिर्फ धार्मिक अनुष्ठानों व व्रत-उपवासों से। विचारों में स्पष्टता, वाणी में विनम्रता, व्यवहार में सहजता और जीवन में सरलता ही आध्यात्म की वास्तविक उपयोगिता होती है और सार्थक ईश्वरिय साधना। हमारा जीवन ही एक मंदिर है और जीने की कला हमारी पूजा…
-
सागर संगीत
बोतल पूरी भरी है या खाली दूर से एक समान ही दिखती है। लेकिन जब ठोकर लगती है तब खाली बोतल लड़खड़ा के बिखर जाती है और भरी हुई बोतल सम्भल के निखर जाती है। मन जब-जब भटक जाए तब-तब इसको सांसों की डोर से बांध लेना चाहिए, धीर-धीर मन स्थिर व शांत होने लग…
-
ठण्डी छांव
जो है हर क्षण प्रभु के प्रभाव में, न रहने देते हैं वे उसे किसी भी अभाव में, जिसकी ज़िन्दगी गुज़रती है ईश्वर से लगाव में, वह न टूटता है दुनिया के दबाव में, हर एक जो रहता है अपने सच्चे स्वभाव में, वह न बिखरता है लोगों के तनाव में, जब भगवन स्व्यं खड़े…
-
पल दो पल
फ़ासले इतने न बढ़ें की कभी मिटने न पाएं, खाइयां इतनी गहरी न हो की कभी भरने न पाएं, रातें इतनी काली न हों की कभी सवेरा होने न पाए, बादल इतने घनेरे न हो की कभी छटने न पाएं, शामें इतनी लम्बी न हों की कभी ढलने न पाएं, पहाड़ियां इतनी हठी न हों…
-
कहानी नई पुरानी
समय का चक्र निरंतर चलता रहता है। परिवर्तन जीवन का एक स्थाई स्तंभ है। इसे न कोई रोक पाया है और न ही कभी रोक पायेगा। हर परिवर्तन को आत्मसात कर लेने से जीवन खुशियों से भर जाता है। इसका विरोध करने से और स्वयं में ही बांध लेने का प्रयत्न करने से यह विष…
-
चलते चलो
जहाँ मिलेगा सहने को न फिर रहेगा वहाँ कुछ भी कहने को, ठहरे हुए पानी को बस वहीं रहने दो, जीवन को एक नया रुख लेने दो, ज़िंदगी के सफ़र को न ही कहीं भी थमने दो, यह तो नदिया है इसे उन्मुक्त बहने दो, जो दूर कहीं पीछे रह गए उनको सिर्फ दुआएं दो…
-
सागर संगम
जीवन में द्वंद परिवर्तन से नहीं बल्कि परिवर्तन के विरोध से होता है, चाहे वह परिवर्तन किसी भी प्रकार का ही क्यों न हो। परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है। इसीलिए, विचारों में लचीलापन लाएं और परिवर्तन को सहजता से स्वीकारें। जीवन को बासी होने से बचाएं, परिवर्तन की हवाओं के साथ उड़ते रहें, इस…