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The Call Beyond
Dear God is beyond…….. land, sea and the sky……..time space and the universe…….. past, present and the future……… people, event and the world……..you, me and the other…….. so, hold on to God, right and proper, if you must, and to none another, now and forever.
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कुछ तेरे लिए कुछ मेरे लिए
यह दुनिया तो पल-पल बदलती ही रहती है। यहाँ लोगों का आना-जाना तो नित लगा ही रहता है। इसीलिए, चाहे किसी की भी नज़रों में गिरना पर कभी भी अपनी नज़रों में न गिरना, क्योंकि, हम हमेशा ही अपने साथ रहते हैं और अपने कर्मों का हिसाब- किताब हमे अकेले ही चुकाना होता है न…
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Power To You!
An oft repeated maxim, for one and all and from one to all, face your fears! Easier said than done! But once done, there is absolutely no looking back. One only goes from better to best. Conquering our fears strengthens us. Defeating our weaknesses empowers us and enables us to live our life to the…
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संगम
जीवन अंधकार और प्रकाश का खेल है, सांझ और सवेरे का यह मेल है, इस बगिया में कांटों संग फूल हैं, यहाँ होते हर दम संग शबनम और शूल हैं, कभी अमावस तो कभी चाँदनी रात है, जीवन में जलना-बुझना सदा ही एक साथ है, पतझड़ लाती हमेशा अपने आंचल में बहार है, आखिर, ऐसे…
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तारे सितारे
दूसरों से हटा के अपना ध्यान स्वयं पर केंद्रित करें। कुछ नया सीखें, किसी बुरी आदत को छोड़ें, कोई नई व अच्छी आदत को अपनाएं। एक नवीन संकल्प लें। इसकी धारना और साधना में अपनी उर्जा को अर्जित करें। कोई भी सब कुछ नहीं कर सकता, इसलिए, किसी एक ऐसे सतगुण को अपनाए व उसका…
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योग सहयोग
ईश्वर तो निराकार हैं। श्रेष्ठ चढ़ावा भी उन पे फिर निराकार ही होना चाहिए। जैसे, हमारी प्रभु पर अडिग आस्था, कठिन से कठिन परिस्थिति में भी उन पर हमारा अटल विश्वास, घोर उदासी और नउम्मीदी के दौर में भी भगवान पर हमारी असीम श्रद्धा। खुशी, उत्सव व पर्व के अवसर में प्रभु के प्रति हमारे…
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नवकृति
ढलते हैं जगमगाने के लिए, ढहते हैं बंधने के लिए, मिटते हैं नवरूप लेने के लिए, टूटते हैं बनने के लिए, पिघलते हैं सांचे में ढलने के लिए, जलते हैं कुन्दन होने के लिए, बिगड़ते हैं संवरने के लिए, बिखरते हैं निखरने के लिए।
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कुछ फूल कुछ कांटे
हम ईश्वर की सुनेंगे तो वे हमारी सुनेंगे, हम उनकी करेंगे तो वे हमारी करेंगे, हम एक कदम बढ़ाएंगे तो वे सौ कदम बढ़ाएंगे। हम सभी को अपने भाग्य का भुगतान खुद ही करना है, अकेले आए हैं और अकेले ही जाना है। जैसे-जैसे हम पे दुखों के पहाड़ टूटते चले जाते हैं, वैसे- वैसे…
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दिव्य दर्शन
……….मैं भूखा था, उसने मुझे खाना खिलाया, मैंने उसमें प्रभु को पाया ……..मैं प्यासा था, उसने मुझे पानी पिलाया, मैंने उसमें प्रभु को पाया……… मैं बीमार था, उसने सर पे हाथ फिराया…….. मैंने उसमें प्रभु को पाया…….. मैं उदास था, उसने मुझे खूब हँसाया, मैंने उसमें प्रभु को पाया ……… मैं अकेला था, उसने मेरा…
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सत्य की शक्ति
कहते हैं सत्य कड़वा होता है, लेकिन सिर्फ तब तक, जब तक हम उसे स्वीकार नहीं कर लेते, और जब यही सत्य हम अपना लेते हैं तब वही अमृत से भी ज़्यादा मीठा बन जाता है। सत्य स्वीकार कर लेने से अंतर्द्वद्व समाप्त होता है, अन्यों से जूझना व आपसी भिड़ंत से छुटकारा मिलता है,…