-
जीवन धारा
……ऊँची पहाड़ियों से झरना बन गिरना हो या संकरी गलियों से सिमट कर गुज़रना हो, ……..बारिश की तरह आकाश से छम-छम बरसना हो या ओस की बून्द बन फूलों पर बिखरना हो, …….अनजान राहों से होते हुए सागर से मिलना हो या कुएं में रह कर सबका पोषण करना हो, …… यह तो जल-जीवन है,…
-
A Few Good Things
Never say what you do not mean, and always mean what you say. No point in blaming God for all our woes and worries, it’s just our own Karma coming back to us, infact, God is our only support and succor at such times. Face facts. Accept truths, in all its glory and grime, it…
-
Silence, The Song Divine
Silence is the medium through which God speaks. We should learn to listen to Silence. It will heal the body, mind and soul. We must try to maintain inner as well as outer Silence to experience the Power of Silence. Silence helps us establish a link of quiet communion with the Almighty. Therefore, we should…
-
We Belong
We are not just a part of a community, but all are tied together with a common thread of Humanity, and ultimately all of us truly belong to an All Abiding Divinity.
-
एकांत
जब एक और अनंत मिल जाते हैं तो एकाकीपन का अंत हो जाता है और हम एक सन्तुष्ट और सम्पूर्ण एकांत को प्राप्त करते हैं।
-
सफरनामा
सफर शुरु हुआ है तो मंज़िल भी ज़रूर मिलेगी, हाँ मगर इस में दिन भी ढलेगा और कभी सायों की खामोशियां भी मिलेगी, ऐसी घटाएं तो सफर में बरसती ही रहेगी, यह हवाएं तो यूंही हरदम चलती ही चलेगी, पर मंज़िल की डोर हम से मज़बूती से बंधी रहेगी, और एक रोज़ फिर दोबारा धूप…
-
विचार संगम
सुख-दुख के ऊंचे-नीचे रास्तों से गुज़र कर ही हम सत्य के शिखर तक पहुँचते हैं। जो कुछ करना है सो अभी ही कर लें, कहीं ऐसा न हो, की कल को बचाने के लिए कुछ बचे ही नहीं। बदला न लें, आप ही बदल जाएं, यह दुनिया खुद- ही- खुद बदली-बदली सी लगेगी। किसी की…
-
होली की हार्दिक शुभकामनाएं
इस होली हम कुछ नया करेंगे, इस होली हम एक नए मित्र से मिलेंगे। अब की होली हम ईश्वर संग मनाएंगे, अपनी भक्ति का रंग उन्हें लगाएंगे। आज हम अपनी आत्मा पर प्रभु प्रेम का रंग चढ़ाएंगे, आज हम प्रभु को अपने मन और घर लाएंगे। यह होली कुछ खास बनाएं, आज एक दिव्य होली…
-
होली मुबारक
सुख और दुख, ग़म और खुशी, पाना और खोना, आशा और निराशा, हँसी और मायूसी, यह सभी जीवन के भिन्न-भिन्न रंग हैं। इन्हीं रंगो से मिल कर यह जीवन बनता है। हर रंग को जानिए, हर रंग को पहचानिए। हर रंग को अपनाइये, हर रंग से सीखिए और सिखाइये। और इन्ही रंगो के रंग में…
-
प्रार्थना
सर पे कड़कती धूप हो या हो ठण्डी छांव, फूल पे पड़े या कांटों से छिले हों अपने पाँव, आंधियों से घिरी हो या शांत किनारे लगी हो अपनी नाव……..हमें है न कोई डर, न कोई फिकर, क्योंकि इस बात की है हमे सच्ची खबर की……..हमारे सर पे है तेरा हाथ, हर क्षण है तेरा…